
दुनिया के महासागरों की गहराई में हजारों किलोमीटर लंबे केबल बिछे हुए हैं, जिनके जरिए महाद्वीपों के बीच इंटरनेट और संचार का विशाल हिस्सा चलता है। अब वैज्ञानिकों को पता चला है कि यही समुद्री केबल भविष्य में एक बिल्कुल अलग काम में भी मदद कर सकते हैं—समुद्र के अंदर चुपचाप तैर रही व्हेल की निगरानी में।
13 अगस्त 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, वैज्ञानिकों ने दिखाया है कि समुद्र के नीचे मौजूद फाइबर-ऑप्टिक केबलों के डेटा का इस्तेमाल समुद्री जीवों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए किया जा सकता है। यह खोज खास इसलिए है क्योंकि समुद्र की गहराई में रहने वाली व्हेल को ट्रैक करना बेहद मुश्किल होता है, खासकर तब जब वे आवाज न निकाल रही हों।
इंटरनेट केबल और व्हेल का क्या संबंध है?
पहली नजर में इंटरनेट केबल और समुद्री जीवों का कोई संबंध नजर नहीं आता। समुद्र के तल में बिछे ये केबल मुख्य रूप से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के बीच डेटा भेजने के लिए बनाए गए हैं।
लेकिन फाइबर-ऑप्टिक तकनीक की एक खासियत है। जब केबल के आसपास कोई हलचल होती है, तो केबल के भीतर प्रकाश के गुजरने के तरीके में बहुत छोटे बदलाव दर्ज किए जा सकते हैं।
वैज्ञानिक इसी सिद्धांत का इस्तेमाल कर रहे हैं।
यदि समुद्र के नीचे कोई बड़ी व्हेल केबल के आसपास से गुजरती है, तो उसके शरीर की हलचल और पानी में पैदा होने वाला कंपन केबल में दर्ज होने वाले optical signals को प्रभावित कर सकता है। इस बदलाव को आधुनिक sensing technology के जरिए पढ़ा जा सकता है।
इसका मतलब यह है कि जिस infrastructure को इंसानों ने इंटरनेट के लिए बनाया था, वह अब समुद्री जीवन के लिए एक विशाल sensor network की तरह काम कर सकता है।
सबसे बड़ी चुनौती: शांत तैरती व्हेल
व्हेल की निगरानी के लिए वैज्ञानिक पहले से कई तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। इनमें satellite tracking, acoustic monitoring और underwater sensors शामिल हैं।
लेकिन इन सभी तरीकों की अपनी सीमाएं हैं।
कई whale species पानी के भीतर लंबी दूरी तय करती हैं और हमेशा आवाज नहीं निकालतीं। अगर कोई व्हेल किसी monitoring station से दूर है या उस समय vocalization नहीं कर रही है, तो उसे पहचानना मुश्किल हो सकता है।
यहीं subsea cables की तकनीक दिलचस्प बनती है।
नए approach में वैज्ञानिक केवल व्हेल की आवाज सुनने पर निर्भर नहीं रहेंगे। वे केबल में दर्ज होने वाले physical disturbances को भी analyse कर सकते हैं।
Smithsonian की रिपोर्ट के अनुसार, एक diving whale ने वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद की कि मौजूदा subsea cable infrastructure को समुद्री जीवों की निगरानी के लिए कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है।
दुनिया के महासागरों के लिए बड़ा sensor network?
इस खोज का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह है कि इसके लिए समुद्र के तल में हर जगह नए sensors लगाने की आवश्यकता नहीं हो सकती।
दुनिया में पहले से ही विशाल subsea cable network मौजूद है।
ये केबल यूरोप, एशिया, अमेरिका, अफ्रीका और दूसरे क्षेत्रों को जोड़ते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य इंटरनेट और telecommunications है, लेकिन अगर इनसे environmental information भी प्राप्त की जा सके तो इनका उपयोग कई नए क्षेत्रों में हो सकता है।
कल्पना कीजिए कि समुद्र के नीचे बिछे हजारों किलोमीटर के केबल किसी विशाल invisible monitoring network की तरह काम करें।
इस network की मदद से वैज्ञानिक यह जान सकते हैं कि समुद्र में बड़ी marine animals कहां मौजूद हैं, वे किस दिशा में जा रही हैं और उनके आसपास की गतिविधियों में किस तरह के बदलाव हो रहे हैं।
हालांकि यह तकनीक अभी पारंपरिक wildlife tracking systems का सीधा विकल्प नहीं है। वैज्ञानिकों को अभी यह समझना होगा कि अलग-अलग प्रकार के signals को किस तरह पहचानकर किसी विशेष समुद्री जीव से जोड़ा जाए।
सिर्फ व्हेल ही नहीं, भविष्य में और भी उपयोग
इस तकनीक का इस्तेमाल केवल whales तक सीमित रहने की संभावना नहीं है।
समुद्र के अंदर कई प्रकार की प्राकृतिक गतिविधियां होती हैं—भूकंपीय हलचल, समुद्री धाराएं, underwater landslides और marine animals की movement।
यदि optical sensing systems इन घटनाओं को विश्वसनीय रूप से पहचान सकें, तो subsea cables भविष्य में एक प्रकार के multi-purpose environmental monitoring system का हिस्सा बन सकते हैं।
इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि समुद्र का बड़ा हिस्सा आज भी वैज्ञानिकों के लिए अपेक्षाकृत कम निगरानी वाला क्षेत्र है।
धरती की सतह पर हम satellite images, weather stations और cameras की मदद से लगातार data collect करते हैं। लेकिन समुद्र के नीचे ऐसा करना कहीं ज्यादा कठिन और महंगा है।
पहले से मौजूद infrastructure का उपयोग करके इस समस्या को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
समुद्री संरक्षण में कैसे मिलेगी मदद?
व्हेल और अन्य बड़े समुद्री जीवों के संरक्षण के लिए उनकी movement को समझना बेहद जरूरी है।
व्हेल समुद्र के अलग-अलग हिस्सों के बीच लंबी दूरी तय करती हैं। उनके रास्ते shipping lanes, fishing zones और अन्य मानवीय गतिविधियों से टकरा सकते हैं।
अगर वैज्ञानिक real-time या near-real-time में यह समझ सकें कि किसी क्षेत्र में बड़ी संख्या में whales मौजूद हैं, तो जहाजों की आवाजाही या अन्य गतिविधियों के प्रबंधन में मदद मिल सकती है।
इससे whale-ship collisions जैसे जोखिमों को कम करने के लिए बेहतर conservation strategies विकसित की जा सकती हैं।
इसके अलावा, लंबे समय तक collected data वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद कर सकता है कि climate change, समुद्री तापमान और भोजन की उपलब्धता में बदलाव marine animals के migration patterns को कैसे प्रभावित कर रहे हैं।
तकनीक की सबसे खूबसूरत बात
इस कहानी की सबसे दिलचस्प बात यह नहीं है कि वैज्ञानिकों ने कोई नया विशाल underwater machine बना लिया है।
बल्कि बात इसके बिल्कुल उलट है।
दुनिया में पहले से मौजूद एक technology को एक नए उद्देश्य के लिए इस्तेमाल करने का रास्ता खोजा जा रहा है।
जिस network को इंसानों ने messages, videos, websites और दूसरे digital data को एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक पहुंचाने के लिए बनाया था, वही network अब समुद्र के जीवों के बारे में information देने में मदद कर सकता है।
यह इस बात का उदाहरण है कि आधुनिक science हमेशा नई चीज बनाने के बारे में नहीं होती। कभी-कभी असली breakthrough उस चीज में छिपा होता है जिसे हम पहले से इस्तेमाल कर रहे होते हैं।
समुद्र के नीचे छिपी दुनिया को समझने की नई शुरुआत
महासागर पृथ्वी की सतह का अधिकांश हिस्सा ढकते हैं, लेकिन उनकी गहराइयों के बारे में हमारी जानकारी अभी भी सीमित है।
नई sensing technologies वैज्ञानिकों को इस छिपी हुई दुनिया को समझने के नए तरीके दे रही हैं।
Subsea internet cables से whale detection की यह संभावना अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसका concept बेहद महत्वपूर्ण है। अगर technology को बड़े पैमाने पर विश्वसनीय बनाया जा सका, तो भविष्य में समुद्र के नीचे मौजूद communication infrastructure केवल इंटरनेट के लिए नहीं, बल्कि planetary-scale environmental monitoring के लिए भी उपयोगी हो सकता है।
और शायद यही इस खबर का सबसे बड़ा takeaway है—कभी-कभी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण scientific tools किसी laboratory में नहीं होते।
वे पहले से हमारे आसपास मौजूद होते हैं।
समुद्र के नीचे बिछा एक साधारण-सा दिखने वाला cable network आने वाले समय में हमें यह बता सकता है कि समुद्र की गहराई में कौन गुजर रहा है, प्रकृति कैसे बदल रही है और पृथ्वी के सबसे रहस्यमय ecosystems के अंदर वास्तव में क्या हो रहा है।
