वसुधैव कुटुंबकम: संकट की घड़ियों में दुनिया के लिए ‘संकटमोचक’ बनता भारत
“वसुधैव कुटुंबकम” (पूरी दुनिया एक परिवार है) – यह केवल प्राचीन भारतीय शास्त्रों का एक श्लोक नहीं है, बल्कि यह आधुनिक भारत की विदेश नीति और उसकी वैश्विक सोच का मुख्य आधार है। आज जब पूरी दुनिया युद्ध, महामारियों, और विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं (भूकंप, बाढ़, आदि) से जूझ रही है, तब भारत ने बार-बार यह…
