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दिवाली से पहले अदाणी गैस ने बढ़ाए CNG के दाम, अहमदाबाद में ₹100 के करीब पहुँची कीमत; ऑटो चालकों और आम जनता पर बढ़ेगा बोझ

दिवाली से पहले महंगा हुआ CNG, अहमदाबाद में ₹98.47 प्रति किलो पहुँचा भाव

दिवाली से ठीक पहले गुजरात के वाहन चालकों को ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का झटका लगा है। अदाणी टोटल गैस लिमिटेड (Adani Total Gas Limited) ने 23 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमत में ₹4.45 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की। इस बदलाव के बाद शहर में CNG का खुदरा भाव ₹98.47 प्रति किलोग्राम तक पहुँच गया है। कीमत अब ₹100 के स्तर के बेहद करीब है।

इस बढ़ोतरी का असर केवल निजी वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। CNG पर निर्भर ऑटो-रिक्शा चालक, टैक्सी संचालक, कैब सेवाएँ और अन्य व्यावसायिक वाहन चलाने वाले लोग भी इससे प्रभावित होंगे। त्योहारों के दौरान जब परिवारों का खर्च खरीदारी, यात्रा और घरेलू जरूरतों पर बढ़ता है, तब ईंधन की महंगाई बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है।

अदाणी टोटल गैस ने कीमत बढ़ाने के पीछे प्राकृतिक गैस की खरीद लागत में वृद्धि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगी होती LNG और घरेलू गैस की सीमित उपलब्धता को प्रमुख कारण बताया है। दूसरी ओर, ऑटो-रिक्शा चालकों के संगठनों ने लगातार बढ़ती ईंधन लागत पर चिंता जताते हुए सरकार से राहत की माँग की है।

स्रोत: Business Standard की रिपोर्ट

कितनी बढ़ी CNG की कीमत?

अहमदाबाद में 23 अक्टूबर की बढ़ोतरी के बाद CNG की कीमत ₹94.02 से बढ़कर ₹98.47 प्रति किलोग्राम हो गई। यानी वाहन चालकों को अब प्रत्येक किलोग्राम गैस के लिए पहले से ₹4.45 अधिक चुकाने होंगे।

विवरणकीमत
अगस्त 2026 में रिपोर्ट किया गया भाव₹94.02 प्रति किलो
23 अक्टूबर से पहले का भाव₹94.02 प्रति किलो
नई कीमत₹98.47 प्रति किलो
नवीनतम बढ़ोतरी₹4.45 प्रति किलो
₹100 के स्तर से अंतर₹1.53 प्रति किलो

यह बढ़ोतरी अगस्त में हुई वृद्धि के बाद आई है। उस समय कंपनी ने कीमत ₹4 प्रति किलोग्राम बढ़ाकर ₹94.02 की थी। इस तरह अगस्त और अक्टूबर की इन दो बढ़ोतरी से ही कीमत में कुल ₹8.45 प्रति किलोग्राम का इजाफा हुआ है।

नोट: तालिका में दिए गए भाव अहमदाबाद के लिए प्रकाशित रिपोर्टों पर आधारित हैं। अलग-अलग शहरों और गैस वितरकों के यहाँ कीमतें अलग हो सकती हैं।

छह महीनों में बढ़ी कीमतों ने बढ़ाई चिंता

अहमदाबाद में CNG की कीमतों में लगातार बदलाव को लेकर वाहन चालकों की चिंता बढ़ रही है। अहमदाबाद मिरर की 24 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से अक्टूबर के बीच कीमत में कुल लगभग ₹16.20 प्रति किलोग्राम की वृद्धि दर्ज की गई।

बार-बार होने वाली मूल्य वृद्धि का असर उन लोगों पर विशेष रूप से पड़ता है जिनकी रोजाना की कमाई और खर्च सीधे ईंधन की कीमत से जुड़े हैं। ऑटो-रिक्शा चालक दिनभर यात्रियों को लाने-ले जाने के बाद जो कमाई करते हैं, उसमें से ईंधन, वाहन की मरम्मत, बीमा और अन्य खर्च निकालने पड़ते हैं।

यदि CNG महंगी होती है, लेकिन यात्रियों से मिलने वाला किराया उसी अनुपात में नहीं बढ़ता, तो चालक की वास्तविक बचत कम हो सकती है।

इसी तरह, निजी वाहन से रोजाना कार्यालय जाने वाले कर्मचारी और छोटे व्यवसायों के लिए वाहन चलाने वाले लोग भी अधिक खर्च का सामना कर सकते हैं।

हालाँकि, कीमत में वृद्धि का वास्तविक असर हर वाहन पर अलग होगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वाहन प्रतिदिन कितनी दूरी तय करता है, उसकी औसत ईंधन खपत कितनी है और उसका उपयोग निजी यात्रा के लिए होता है या व्यावसायिक काम के लिए।

स्रोत: अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट

अदाणी गैस ने कीमत बढ़ाने के पीछे क्या कारण बताए?

अदाणी टोटल गैस के अनुसार, CNG की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण प्राकृतिक गैस की खरीद लागत में तेज बढ़ोतरी है। कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय LNG की कीमतों में वृद्धि, घरेलू गैस की कम उपलब्धता और आपूर्ति में कटौती को प्रमुख वजहों के रूप में गिनाया।

1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगी हुई LNG

LNG यानी Liquefied Natural Gas प्राकृतिक गैस का ऐसा रूप है जिसे बहुत कम तापमान पर तरल बनाया जाता है, ताकि उसे जहाजों के माध्यम से लंबी दूरी तक ले जाया जा सके।

Business Standard की 23 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्पॉट LNG की कीमत फरवरी 2026 में लगभग 10–12 डॉलर प्रति MMBtu थी, जो अक्टूबर में लगभग 30 डॉलर प्रति MMBtu तक पहुँच गई।

MMBtu ऊर्जा की मात्रा मापने की एक इकाई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG महंगी होने से उन कंपनियों की खरीद लागत बढ़ सकती है जिन्हें अपनी जरूरत पूरी करने के लिए आयातित गैस पर अधिक निर्भर रहना पड़ता है।

हालाँकि, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी का असर स्थानीय CNG की कीमत पर कितना पड़ेगा, यह कंपनी के गैस खरीद समझौतों, घरेलू गैस की उपलब्धता और अन्य लागतों पर भी निर्भर करता है।

2. घरेलू प्राकृतिक गैस की उपलब्धता में कमी

कंपनी ने घरेलू स्तर पर मिलने वाली गैस की कम उपलब्धता को भी मूल्य वृद्धि का कारण बताया है।

भारत में प्राकृतिक गैस का एक हिस्सा घरेलू उत्पादन से आता है, जबकि अतिरिक्त जरूरतों को पूरा करने के लिए आयातित गैस का इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि घरेलू गैस की उपलब्धता कम हो जाती है, तो कंपनियों को अन्य स्रोतों से महंगी गैस खरीदनी पड़ सकती है।

अदाणी टोटल गैस ने विशेष रूप से नई घरेलू गैस के उत्पादन से मिलने वाली आपूर्ति में कमी और हाई-प्रेशर, हाई-टेम्परेचर (HPHT) गैस की उपलब्धता में कटौती का उल्लेख किया।

कंपनी के मुताबिक, इन परिस्थितियों ने CNG के लिए उपलब्ध अपेक्षाकृत कम लागत वाली घरेलू गैस का हिस्सा घटाया और औसत खरीद लागत पर दबाव बढ़ाया।

3. आपूर्ति में कटौती और बढ़ती खरीद लागत

कंपनी ने यह भी कहा कि गैस आपूर्तिकर्ताओं की ओर से होने वाली कटौती के कारण उसे वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है।

ऐसी स्थिति में कंपनी को गैस की आपूर्ति बनाए रखने के लिए अधिक महंगे विकल्प अपनाने पड़ सकते हैं। इससे खुदरा कीमतों को स्थिर रखना कठिन हो सकता है।

अदाणी टोटल गैस ने कहा कि कीमतों में संशोधन का उद्देश्य बढ़ती खरीद लागत के प्रभाव को आंशिक रूप से संतुलित करना और ग्राहकों को गैस की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना है।

स्रोत: Business Standard

ऑटो-रिक्शा चालकों की बढ़ी परेशानी, सरकार से राहत की माँग

CNG की बढ़ती कीमतों के बीच गुजरात के ऑटो-रिक्शा चालकों के संगठनों ने सरकार के सामने अपनी चिंताएँ रखी हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की 24 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात सारथी संघ (Gujarat Sarthi Sangh) ने सरकार से कीमतों में राहत देने और व्यावसायिक ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए विशेष सहायता पर विचार करने की माँग की।

संघ ने CNG की कीमत तय करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और लगातार बढ़ती परिचालन लागत को ध्यान में रखते हुए किराए की समय-समय पर समीक्षा करने की भी माँग की।

ऑटो-रिक्शा चालकों की मुख्य समस्या यह है कि ईंधन महंगा होने पर उनकी लागत तुरंत बढ़ जाती है, जबकि यात्रियों से वसूले जाने वाले किराए में बदलाव तत्काल नहीं होता। ऐसे में चालक को या तो कम बचत के साथ काम करना पड़ता है या किराया बढ़ाने की माँग करनी पड़ती है।

लेकिन किराया बढ़ने का असर यात्रियों पर भी पड़ सकता है। विद्यार्थी, नौकरीपेशा लोग, वरिष्ठ नागरिक और रोजाना सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाले परिवार अधिक खर्च का सामना कर सकते हैं।

इसलिए CNG की कीमतों का मुद्दा केवल ईंधन बाजार तक सीमित नहीं है। यह सार्वजनिक परिवहन की लागत, चालकों की आजीविका और आम नागरिकों के दैनिक खर्च से भी जुड़ा हुआ है।

महत्वपूर्ण: उपलब्ध रिपोर्टों में चालकों की ओर से राहत की माँग दर्ज है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सरकार ने कोई नई सब्सिडी या किराया वृद्धि मंजूर कर दी है।

स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट

आम लोगों की जेब पर कितना असर पड़ेगा?

CNG की कीमत में ₹4.45 प्रति किलोग्राम की वृद्धि सुनने में सीमित लग सकती है, लेकिन नियमित रूप से वाहन चलाने वालों के लिए इसका मासिक असर महत्वपूर्ण हो सकता है।

उदाहरण के लिए, यदि कोई वाहन प्रतिदिन 5 किलोग्राम CNG इस्तेमाल करता है, तो उसकी ईंधन लागत में प्रतिदिन ₹22.25 की वृद्धि होगी। 30 दिनों के हिसाब से यह लगभग ₹667.50 अतिरिक्त खर्च बनता है।

दैनिक CNG खपतप्रतिदिन अतिरिक्त खर्च30 दिनों में अतिरिक्त खर्च
2 किलो₹8.90₹267
3 किलो₹13.35₹400.50
5 किलो₹22.25₹667.50
8 किलो₹35.60₹1,068

ये उदाहरण केवल ₹4.45 प्रति किलोग्राम की नवीनतम वृद्धि पर आधारित गणनाएँ हैं। इनमें वाहन की मरम्मत, अन्य खर्च या भविष्य में होने वाली किसी अतिरिक्त मूल्य वृद्धि को शामिल नहीं किया गया है।

निजी वाहन चालकों के लिए भी इसका असर वाहन के इस्तेमाल पर निर्भर करेगा। जो लोग प्रतिदिन लंबी दूरी तय करते हैं, उनके लिए अतिरिक्त खर्च अधिक होगा।

इसके अलावा, यदि व्यावसायिक परिवहन सेवाओं की लागत लगातार बढ़ती है, तो भविष्य में कुछ सेवाओं के किराए पर भी दबाव पड़ सकता है। लेकिन किसी विशेष किराया वृद्धि की पुष्टि के लिए संबंधित प्राधिकरण या सेवा प्रदाता की आधिकारिक घोषणा आवश्यक होगी।

क्या CNG अब ₹100 प्रति किलो से ऊपर जाएगी?

अहमदाबाद में CNG की कीमत ₹98.47 प्रति किलोग्राम तक पहुँचने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या कीमत ₹100 का स्तर पार करेगी।

फिलहाल केवल मौजूदा मूल्य वृद्धि के आधार पर भविष्य की कीमत का निश्चित अनुमान लगाना संभव नहीं है। अगला बदलाव अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार, घरेलू उत्पादन, गैस आवंटन, खरीद लागत और कंपनी के मूल्य निर्धारण संबंधी फैसलों पर निर्भर करेगा।

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि CNG की कीमत हर शहर में समान नहीं होती। गैस वितरण कंपनियों, स्थानीय लागतों और करों के अंतर के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में खुदरा भाव अलग हो सकते हैं।

इसलिए वाहन चालकों को अपने क्षेत्र की कीमत की पुष्टि स्थानीय अधिकृत CNG स्टेशन या संबंधित गैस वितरक की आधिकारिक जानकारी से करनी चाहिए।

निष्कर्ष: त्योहार से पहले बढ़ी महंगाई की चिंता

दिवाली से कुछ दिन पहले अहमदाबाद में अदाणी टोटल गैस की CNG कीमत ₹4.45 प्रति किलोग्राम बढ़कर ₹98.47 हो गई है। कंपनी ने इस फैसले के पीछे अंतरराष्ट्रीय LNG की ऊँची कीमतों, घरेलू गैस की कम उपलब्धता और आपूर्ति में कटौती से बढ़ी खरीद लागत को जिम्मेदार बताया है।

इस बढ़ोतरी से ऑटो-रिक्शा चालकों, टैक्सी संचालकों और नियमित रूप से CNG इस्तेमाल करने वाले परिवारों का खर्च बढ़ सकता है। दूसरी ओर, चालकों के संगठनों ने सरकार से राहत और किराया समीक्षा की माँग की है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि गैस की खरीद लागत में क्या बदलाव आते हैं और क्या सरकार या संबंधित प्राधिकरण परिवहन क्षेत्र की समस्याओं पर कोई कदम उठाते हैं।

फिलहाल, सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अहमदाबाद में CNG का भाव ₹100 प्रति किलोग्राम के करीब पहुँच गया है। दिवाली से पहले यह बढ़ोतरी उन परिवारों और व्यावसायिक वाहन चालकों के बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है, जो रोजमर्रा की यात्रा के लिए CNG पर निर्भर हैं।

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