
भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व Aide-de-Camp (ADC) मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी सैन्य सेवा नहीं, बल्कि रिटायरमेंट के बाद शुरू किया गया उनका पेड Instagram Subscription मॉडल है।
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि उनके Instagram पर हजारों लोग पेड सब्सक्रिप्शन ले रहे हैं और इससे उनकी संभावित मासिक कमाई लाखों रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि, वायरल पोस्ट में दिखाई गई ₹6.06 लाख की मासिक कमाई की राशि को उनकी वास्तविक कमाई के रूप में पुष्टि नहीं किया गया है। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अलग-अलग समय पर उनके पेड सब्सक्राइबरों की संख्या भी बदलती रही है।
कौन हैं मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल?
ऋषभ सिंह सांब्याल भारतीय सेना में लगभग 12 वर्षों तक सेवा देने के बाद 2026 में रिटायर हुए। वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के Aide-de-Camp (ADC) के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, जिसके कारण उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने Jat Regiment में सेवा की और 4 Para Special Forces से भी जुड़े रहे। राष्ट्रपति के ADC के रूप में उनकी सार्वजनिक उपस्थिति ने उन्हें सोशल मीडिया पर एक बड़ी पहचान दिलाई।
रिटायरमेंट के बाद उन्होंने सोशल मीडिया को अपने नए करियर और कंटेंट क्रिएशन के एक माध्यम के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया।
Instagram पर शुरू किया पेड Subscription
रिटायरमेंट के बाद ऋषभ सांब्याल ने Instagram पर एक paid subscription service शुरू की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इसकी कीमत डिवाइस के आधार पर अलग बताई गई है।
- Android यूजर्स: लगभग ₹180 प्रति माह
- iPhone यूजर्स: लगभग ₹199 प्रति माह
पेड सब्सक्राइबर्स को सामान्य Instagram पोस्ट के अलावा कुछ विशेष सुविधाएं और कंटेंट मिलते हैं। रिपोर्टों में exclusive posts, reels, subscriber badge, early access और Ask Me Anything जैसे interactive sessions का उल्लेख किया गया है। कुछ रिपोर्टों में career guidance और coaching जैसी सुविधाओं का भी जिक्र है।
इस तरह Instagram उनके लिए केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं रहा, बल्कि एक subscription-based creator model भी बन गया है।
₹6.06 लाख की कमाई का दावा कितना सही है?
वायरल पोस्ट में ₹6.06 लाख+ मासिक कमाई का दावा किया गया है और लगभग 3,045 supporters का आंकड़ा दिखाया गया है। लेकिन उपलब्ध स्वतंत्र मीडिया रिपोर्टों में इससे पहले अलग-अलग तारीखों पर अलग subscriber counts दर्ज किए गए हैं।
उदाहरण के लिए, Mint ने 15 सितंबर 2026 के आसपास 1,569 subscribers के आधार पर संभावित gross collection का अनुमान लगाया था। उस समय ₹180 और ₹199 के subscription rates के आधार पर अनुमानित राशि लगभग ₹2.82 लाख से ₹3.12 लाख प्रति माह थी।
बाद में Moneycontrol ने 18 सितंबर तक लगभग 2,476 subscribers का आंकड़ा रिपोर्ट किया। इससे यह स्पष्ट होता है कि subscriber संख्या तेजी से बदल सकती है।
इसलिए वायरल पोस्ट में दिखाई गई ₹6.06 लाख की राशि को पुष्ट वास्तविक आय मानना उचित नहीं होगा। यह किसी समय के subscriber count और subscription price पर आधारित संभावित gross calculation हो सकती है।
Subscription से कमाई का गणित
मान लीजिए किसी समय उनके पास 3,045 paid subscribers हैं और सभी Android वाला ₹180 का प्लान लेते हैं।
3,045 × ₹180 = ₹5,48,100 प्रति माह
अगर सभी subscribers ₹199 वाला प्लान लेते हैं:
3,045 × ₹199 = ₹6,05,955 प्रति माह
यानी वायरल पोस्ट में दिखाई गई ₹6.06 लाख की राशि इसी तरह की गणना से आती हुई दिखाई देती है।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात है। यह gross subscription collection का अनुमान है, न कि जरूरी तौर पर उनकी जेब में जाने वाली वास्तविक रकम।
Instagram/platform fees, taxes और अन्य संभावित deductions के बाद वास्तविक आय अलग हो सकती है। साथ ही सभी subscribers किस डिवाइस से भुगतान कर रहे हैं, इसकी सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
क्या हर महीने ₹6 लाख मिलना तय है?
नहीं। Subscription-based income स्थायी या निश्चित salary की तरह नहीं होती।
यदि किसी महीने 3,045 लोग subscribed हैं तो गणना अलग होगी। अगले महीने कुछ लोग subscription cancel कर सकते हैं और नए लोग जुड़ सकते हैं। इसलिए वास्तविक कमाई subscriber count, platform charges, taxes और subscription retention पर निर्भर करेगी।
इसी कारण मीडिया रिपोर्टों ने भी संभावित कमाई को estimate के रूप में प्रस्तुत किया है, confirmed income के रूप में नहीं।
सोशल मीडिया पर क्यों हुई चर्चा?
ऋषभ सांब्याल की subscription service शुरू होने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि एक पूर्व सैन्य अधिकारी द्वारा अपनी लोकप्रियता को paid content में बदलना उचित है या नहीं। वहीं अन्य लोगों ने इसे रिटायरमेंट के बाद एक सामान्य digital business या creator model के रूप में देखा।
Times of India के अनुसार, आलोचना करने वाले कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने सैन्य पृष्ठभूमि से बनी लोकप्रियता को monetize करने पर सवाल उठाए, जबकि समर्थकों का कहना था कि रिटायरमेंट के बाद व्यक्ति अपने करियर और आय के नए रास्ते चुन सकता है।
ऋषभ सांब्याल ने भी इस चर्चा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ लोग इसे अलग तरह से देखते हैं, जबकि उनके अनुसार यह सेवा करने का एक और तरीका है।
सोशल मीडिया से कमाई का बदलता तरीका
ऋषभ सांब्याल का मामला यह भी दिखाता है कि आज Instagram जैसे प्लेटफॉर्म केवल फोटो और वीडियो शेयर करने तक सीमित नहीं हैं।
Creators अब कई तरीकों से कमाई कर सकते हैं, जैसे:
- Paid subscriptions
- Exclusive content
- Brand collaborations
- Sponsorships
- Coaching और consulting
- Live sessions
- Digital products
Subscription मॉडल में creator अपने followers के एक हिस्से को exclusive content उपलब्ध कराता है और बदले में monthly fee लेता है।
यह मॉडल खास तौर पर उन creators के लिए उपयोगी हो सकता है जिनके पास बड़ा और engaged audience base है।
रिटायरमेंट के बाद नई डिजिटल पहचान
ऋषभ सांब्याल का करियर transition भी चर्चा का विषय है। लगभग 12 साल सेना में सेवा देने के बाद उन्होंने एक बिल्कुल अलग क्षेत्र में कदम रखा है।
Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने राष्ट्रपति के ADC के रूप में लगभग तीन साल बिताए और बाद में सैन्य सेवा से रिटायरमेंट की घोषणा की। रिपोर्ट में उनके अनुसार परिवार और व्यक्तिगत जिम्मेदारियां भी उनके निर्णय का हिस्सा थीं।
अब उनका Instagram presence उनके सार्वजनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।
निष्कर्ष
मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल की Instagram subscription service ने यह दिखाया है कि सोशल मीडिया पर मजबूत audience होने पर subscription-based earning एक संभावित income model बन सकती है।
वायरल पोस्ट में ₹6.06 लाख से अधिक की मासिक राशि का दावा किया गया है। 3,045 subscribers और ₹199 के subscription price को गणितीय रूप से देखें तो लगभग ₹6.06 लाख का gross monthly collection निकलता है। लेकिन इसे उनकी वास्तविक या शुद्ध मासिक कमाई कहना सही नहीं होगा।
उनकी वास्तविक आय के लिए platform deductions, taxes, Android और iPhone subscribers का अनुपात तथा वास्तविक subscriber retention जैसे आंकड़ों की जरूरत होगी।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों से इतना स्पष्ट है कि रिटायरमेंट के बाद ऋषभ सांब्याल ने सोशल मीडिया को अपने नए professional chapter का हिस्सा बनाया है और उनका paid subscription model लोगों के बीच काफी चर्चा पैदा कर रहा है।
